Chapare Virus : कोरोना के बाद अब Chapare Virus कर सकता है दुनिया को परेशान,बोलिविया में आया दुर्लभ वायरस,इबोला जैसे है लक्षण

Chapare Virus : कोरोना के बाद अब Chapare Virus कर सकता है दुनिया को परेशान,बोलिविया में आया दुर्लभ वायरस,इबोला जैसे है लक्षण
Chapare Virus : कोरोना के बाद अब Chapare Virus कर सकता है दुनिया को परेशान,बोलिविया में आया दुर्लभ वायरस,इबोला जैसे है लक्षण

Chapare Virus : कोरोना के बाद अब Chapare Virus कर सकता है दुनिया को परेशान,बोलिविया में आया दुर्लभ वायरस,इबोला जैसे है लक्षण

दुनिया में कोरोना वायरस(Covid19)  संक्रमण (Coronavirus Pandemic) का पहला मामला आए मंगलवार को एक साल हो गया। अब भी लोग इस संक्रामक रोग से परेशान हैं। अब पता चला है कि एक और वायरस दुनिया के सामने आ गया है।इसमें भी पर्सन टू पर्सन इंफेक्शन के सबूत मिले हैं । इसकी पुष्टि अमेरिका के सेंटर्स फॉर डिजीज कंटोल ने भी कर दी है ।

बताया गया कि बोलिविया में संक्रमण के मामले सामने आए हैं। इसमें ऐसा बुखार होता है, जिससे ब्रेन हैमरेज तक हो सकता है । यह लगभग इबोला जैसा है । इबोला को भी काफी खतरनाक माना गया था, हालांकि उस पर भी जल्द ही नियंत्रण हासिल कर लिया गया था ।

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नोवल कोरोना वायरस ( Corona Virus ) की तबाही के बीच बोलीविया में एक दुर्लभ वायरस का पता चला है। अमेरिकी सेंटर फोर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने इसकी पुष्टि की है । वैज्ञानिकों का कहना है कि ‘चापरे वायरस’ ( Chapare Virus ) लोगों को संक्रमित करने की क्षमता रखता है और इबोला जैसे हेमोरहागिक फीवर का कारण बन सकता है ।

‘चापरे वायरस’ ( Chapare Virus ) संक्रमण का मामला 2019 में उजागर हुआ था। बोलीविया के ला पाज में दो मरीजों से तीन स्वास्थ्य कर्मचारी संक्रमित हुए थे। संक्रमण के चलते उनमें से एक मरीज और दो मेडिकल कर्मचारियों की मौत हो गई । वैज्ञानिकों का कहना है कि 2004 में वायरस का छोटा प्रकोप चापरे इलाके में फैला था । चापरे ( Chapare Virus) ला पाज के पूर्व में 370 मील दूर है ।

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CDC के संक्रामक रोग विशेषज्ञ केटलिन कोसाबूम ने गार्जियन अखबार को बताया कि ‘शारीरिक तरल पदार्थ’ से संभवत: वायरस फैल सकता है। इसके अलावा, माना जाता है कि चूहों से निकल इसानों में वायरस पहुंचा और हो सकता है उन्होंने इंसानों को संक्रमित कर दिया हो। शारीरिक तरल पदार्थ से फैलनेवाले वायरस को श्वसन वायरस के मुकाबले आसानी से काबू किया जा सकता है।

CDC के मुताबिक, संक्रमण के लक्षणों में बुखार, पेट दर्द, उल्टी, आंखों में दर्द, त्वचा के चकत्ते शामिल होते हैं । संक्रमण का खास इलाज न होने के चलते ज्यादातर मरीजों को नसों में तरल पदार्थ से इलाज मिलता है । सोमवार को चापरे वायरस के अनुसंधान को अमेरिकन सोसायटी ऑफ ट्रोपिकल मेडिसीन एंड हाइजीन की सालाना मीटिंग में पेश किया गया है।

वैज्ञानिकों का कहना है कि इंसानों से इंसानों में संक्रमण जाहिर करता है कि चपारे वायरस ( Chapare Virus) पर अभी और शोध की जरूरत है । जिससे भविष्य में फैलनेवाले एक अन्य प्रकोप से बचा जा सके । CDC के पैथोलोजिस्ट मारिया मोराल्स ने कहा, “हमने वायरस को अलग-थलग कर दिया और हमें ज्यादा आम बीमारी के खुलासा होने की उम्मीद है ।” शोधकर्ताओं ने शुरुआती स्तर पर वायरस की तेजी से पहचान के लिए संतोष जताया।

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