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31 मईः 100 साल पहले आज ही के दिन कांग्रेस(Congress flag) के झंडे को मिली थी मान्यता जाने इसका इतिहास

Congress Flag

Congress Flag History: कांग्रेस का झंडा तीन रंगों से मिलकर बना है, यह तो आप सभी जानते हैं, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि कांग्रेस के झंडे को पहली मान्यता कब मिली थी और कैसे मिली थी।

साल के सभी दिन महत्वपूर्ण होते हैं और हर दिन किसी न किसी वजह से इतिहास के पन्नों में दर्ज है। आज साल के 5वें महीने का अंतिम दिन है और यह भी बहुत सी घटनाओं के साथ इतिहास में दर्ज है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण घटना भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के झंडे को अंगीकार किया जाना है।

1921 में गांधीजी ने 31 मई के दिन ही भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के ध्वज को स्वीकृत और संशोधित किया। यह मूल रूप से आंध्र प्रदेश के एक व्यक्ति ने डिजाइन किया गया था, जिसमें हिंदू और मुस्लिम समुदायों का प्रतिनिधित्व करने वाले लाल और हरे रंग की पट्टियों को स्थान दिया गयाा

Veer Savarkar Birth Anniversary:वीर सावरकर जयंती पर को पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, संजय राउत ने कहा- भारत रत्न

1921 में बेजवाड़ा (अब विजयवाड़ा) में आयोजित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सत्र के दौरान आंध्र प्रदेश के एक युवक ने एक झंडा बनाया और गांधी जी को दिया। यह दो रंगों का बना था। लाल और हरा रंग जो दो प्रमुख समुदायों अर्थात हिन्दू और मुस्लिम का प्रतिनिधित्व करता है।

गांधी जी ने सुझाव दिया कि भारत के शेष समुदाय का प्रतिनिधित्व करने के लिए इसमें एक सफेद पट्टी और राष्ट्र की प्रगति का संकेत देने के लिए एक चलता हुआ चरखा होना चाहिए।

देश दुनिया के इतिहास में 31 मई की तारीख में दर्ज

अन्य महत्वपूर्ण घटना

1577 : मुगल सम्राट जहांगीर की पत्नी नूरजहां का जन्म।

1727 : फ्रांस, ब्रिटेन और नीदरलैंड ने पेरिस संधि पर हस्ताक्षर किए।

1759 : अमेरिका के उत्तर पूर्वी प्रांत पेंसिलवेनिया में थियेटर के सभी कार्यक्रमों पर प्रतिबंध लगाया गया। ऐप पर पढ़ें

1878 : जर्मनी का युद्धपोत एसएमएस ग्रोसर करफर्स्ट के

 

 

Veer Savarkar Birth Anniversary:वीर सावरकर जयंती पर को पीएम मोदी ने दी श्रद्धांजलि, संजय राउत ने कहा- भारत रत्न

Veer savrkar

भारतीय स्वतंत्रता सेनानी विनायक दामोदर सावरकर (savrkar)की 138 वीं जयंती है. इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कईनेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है. पीएम मोदी ने कहा कि मैं सावरकर को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन करता हूं.

शिवसेना के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने कहा अपने ट्वीट में सावरकर को भारत रत्न बताया है. पीएम मोदी ने ट्वीट किया,आजादी की लड़ाई के महान सेनानी और प्रखर राष्ट्रभक्त वीर सावरकर को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन.

समाज सुधारक विनायक दामोदार सावरकर की जयंती पर शत्-शत् नमन.” 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के नासिक में हुआ था जन्म .शिवसेना नेता संजय राउत ने मराठी में ट्वीट किया,भारत रत्न! वीर विनायक दामोदर सावरकर यांना अभिवादन!

वंदे मातरम!’’ यानि भारत रत्न! वीर विनायक दामोदर सावरकर को नमस्कार! वन्दे मातरम. वहीं, बीजेपी ने ट्वीट किया, “मां भारती के वीर सपूत, प्रखर राष्ट्रवादी नेता, ओजस्वी वक्ता एवं समर्पित

विनायक दामोदर सावरकर का जन्म 28 मई 1883 को महाराष्ट्र के नासिक में हुआ था. 28 मई, 1883 को महाराष्ट्र के एक चितपावन ब्राह्मण परिवार में पैदा हुए सावरकर शुरुआत से ही क्रांतिकारी थे. नासिक के कलेक्टर की हत्या के आरोप में अंग्रेजों ने 1911 में सावरकर को काले पानी की सजा सुनाई थी.

भारत की आजादी का पहला बड़ा आंदोलन 1857 में हुआ था. इस आंदोलन को भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम के तौर पर दर्ज करने का श्रेय विनायक दामोदर सावरकर को जाता है. जिन्होंने 1909 में एक किताब लिखी.

इसका नाम था ‘द इंडियन वॉर ऑफ इंडिपेंडेंस-1857’. इसी किताब ने 1857 की लड़ाई को भारत का पहला स्वतंत्रता संग्राम घोषित किया था. ये सावरकर का पहला ऐसा बड़ा काम था, जिसे स्वतंत्र भारत में स्वीकार्यता मिली थी.